First Surgery of the Universe : गणेश जी की सर्जरी थी, दुनिया की पहली सर्जरी

 

First Surgery of the Universe

विज्ञान (science) की कई ऐसी खोज (search) हैं, जिनके बारे में हिंदू धर्म (hindu religion) ग्रंथों (religional books) में तमाम पहले ही उल्‍लेख (mention) किया जा चुका है ( first surgery in the world).
इन्‍हीं में से एक है सर्जरी (surgery),  पुराणों (according to old religious books) के अनुसार, दुनिया (universe) की सबसे पहली सर्जरी (surgery) का श्रेय भी हिंदू धर्म (hindu religion) के देवताओं (god and godess) को जाता है.
आइए जानते हैं (let’s know this) क‍ि वह कौन-से देवता (god) हैं जिन्‍होंने सर्जरी (surgery) की थी और सबसे पहले (first time in the world) क‍िसकी सर्जरी (surgery) की गई थी?
First Surgery of the Universe
Lord Ganesha
     कथा (story) शुरू होती है, माता पार्वती (goddess Parvati) की, उन्‍होंने चंदन (sandalwood) से भगवान श्रीगणेश (god Ganesh) को बनाया.
इसके बाद वह स्‍नान (taking bath) के लिए जाने लगीं तब उन्‍होंने गणेश जी (god Ganesh ji) को यह आदेश (Oder) दिया कि वह दरवाजे (door) पर ही रहें और किसी को भी भीतर प्रवेश (do not allow anyone to come inside) न दें.
इसके बाद वह स्‍नान (taking bath) के लिए चली गईं. तभी भगवान शिव (god shiv ji) वापस लौटे और भीतर प्रवेश (going inside) करने लगे। गणेश जी (god Ganesh ji) ने उन्हें अंदर (inside) जाने से मना कर दिया (First Surgery of the Universe).
उन्‍होंने कहा कि माता (mother) का आदेश (Order) है कि कोई भी अंदर प्रवेश (inside) न करें. भगवान शिव (god shiv ji) ने बहुत प्रयास (try a lot) किया. लेकिन गणेश जी (god Ganesh ji) नहीं मानें (didn’t allow him to go inside) और तब क्रोधित (anger) होकर भोलेनाथ (god shiv ji) ने त्रिशूल से, भगवान गणेश (god Ganesh ji)  का सिर (head) धड़ (body) से अलग कर दिया.
यह दृश्‍य देखते ही माता पार्वती (goddess Parvati) अत्‍यंत क्रोधित (anger) हो गईं और वह संपूर्ण सृष्टि (whole world) का विनाश (destroy) करने निकल पड़ीं .
इसके बाद भगवान ब्रह्मा (god brahma) ने माता (mother) को क्रोध शांत (anger) करने का निवेदन (request) किया. तब मां (mother) ने उन्‍हें गणेश जी (god Ganesh ji) को पुर्नजीवित (First Surgery of the Universe). करने की बात रखी.
इस बात को स्‍वीकारते (accepting this request) हुए ब्रह्मदेव (god brahma) ने भोलेनाथ (god shiv ji) से कहा कि इस सृष्टि (world) में जो भी पहला ऐसा व्‍यक्ति (first person) दिखे जो उत्‍तर दिशा (north direction) की तरफ सिर करके बैठा हो.
(कहीं कहीं यह भी किवदंती है कि जो माता अपने बच्चे से करवट फेर कर सो रही हो, उसके बच्चे का सिर ले आएं) वह उसका सिर (head) लेकर आएं और गणेश जी (lord Ganesh ji) को वह प्रत्यारोपित (transplant) कर दिया जाएगा (First Surgery of the Universe).
इसी खोज (search) में निकले शिव जी (god shiv ji)  को संपूर्ण सृष्टि (whole world) में केवल एक हाथी (only elephant) ही ऐसा दिखा जो कि ब्रह्मदेव (god brahma) के मुताबिक (एक हथिनी ही ऐसी मिली जो अपने बच्चे से वह फेर कर सो रही थी) उत्‍तर दिशा (north direction) में सिर (head) करके बैठा था.
इसके बाद शिव जी (god shiv ji) ने हाथी (elephant) के सिर को भगवान गणेश जी (god Ganesh ji) के धड़ पर  प्रत्‍यारोपित ( transplant )(First Surgery of the Universe)किया. हालांकि चिकित्‍साशास्‍त्र में अभी इस विषय (subject) पर शोध जारी (research) है (First Surgery of the Universe).
भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए सुने यह मंत्र :
इस तरह भगवान शिव को पहला सर्जन (first surgeon) और भगवान श्री गणेश की सर्जरी को दुनिया की पहली सर्जरी (First Surgery of the Universe) माना जा सकता है।

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