Depression: जानिए डिप्रेशन को, कहीं आप में तो नहीं यह लक्षण !

सुशांत सिंह राजपूत आज पंचतत्व में विलीन हो गए। कल सबको हैरान कर देने वाली उनकी मौत की खबर ने सबको चौंका दिया। एक ऐसा कलाकार जो कि उभरता हुआ सितारा था। ऐसा क्या हुआ होगा कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। यह भी खबर आई कि वह डिप्रेशन Depression के शिकार थे और पिछले 6 महीनों से डिप्रेशन की दवा ले रहे थे।

उनकी यह मौत कई सवालों को पीछे छोड़ कर गई है आखिर ऐसा कुछ ना कुछ जरूर है जो कि पैसा ग्लैमर प्रसिद्धि मिल जाने के बाद भी इंसान खुश नहीं हो पाता आखिर ऐसा क्या है कि ऊपर से सबकुछ अच्छा दिखते रहने के बाद भी इंसान अंदर से इतना अकेला हो जाता है, इतना खोखला हो जाता है कि उसे अपनी जिंदगी भी छोटी लगने लगती है या फिर कहें कि उसे एक मौत ही आसान रास्ता दिखाई देती है अपनी जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए!

डिप्रेशन के कारण (reasons of depression)

1. शहरी जन जीवन में अकेला पड़ता इंसान :

आज रोजगार की तलाश में या पढ़ाई लिखाई की वजह से इंसान दूसरी जगह जाकर रहता है लेकिन उसे वहां वह अपनापन प्यार नहीं मिलता जो कि उसे अपने शहर या गांव में , अपने परिवार के बीच मिलता है। रिश्ते बनावटी होते जा रहे हैं और दोस्त का ना होना, अपनी फिलिंग्स किसी से शेयर ना कर पाना अंदर ही अंदर घुटने का एक कारण हो सकता है।

यही कारण है आत्महत्या की घटनाओं की जितनी खबरें शहरों से मिलती हैं उतनी गांव से नहीं। ज्यादातर जो लोग इस तरह का कदम उठाते हैं वह परिवार से अलग रह रहे होते हैं।

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2. दूसरों से अधिक आशाएं रखना और उनका पूरा ना हो पाना :

यह भी डिप्रेशन का एक बहुत बड़ा कारण है इंसान आशाओं के बल पर ही जीता है लेकिन कभी कभी ऐसा हो जाता है कि किसी दूसरे के प्रति अधिक उम्मीदें बांध ली जाती हैं जब वे उम्मीदें पूरी नहीं होती तो मन को गहरा धक्का लगता है और इंसान डिप्रेशन की तरफ जा सकता है।

 3. किसी अपने की दूरी या उसकी आकस्मिक मौत :

यह डिप्रेशन का बहुत बड़ा कारण हो सकता है और यह सामान्य भी है। अगर किसी के प्रति बहुत लगाव है और वे अचानक से जिंदगी से दूर चला जाए तो निराशा होना लाज़मी है। सुशांत सिंह राजपूत को भी अपनी मां से बहुत लगाव था लेकिन वह, जब सुशांत 16 साल के थे तब दुनिया छोड़कर चली गई थी। कहीं ना कहीं वह प्यार की कमी भी अंदर ही अंदर इंसान को सालती है। ऊपर से मजबूत दिखने वाला इंसान भी अंदर से घोर निराशा में डूबा हो सकता है।

Depression

4. प्रेम में धोखा या पैसे की कमी :

ऐसी घटनाओं के पीछे यह फैक्टर भी बहुत काम करता है।

लेकिन किसी भी निराशा का इस हद तक पहुंच जाना कि इंसान अपनी जिंदगी को ही खत्म कर ले! बहुत ही दुखद है।

जीवन में बहुत बार , बहुत सी निराशाएं आती हैं लेकिन कहा जाता है time is the best healer यानी समय ही सबसे बड़ा घाव को भरने वाला है। अतः जब नकारात्मक विचार सब तरफ से आ रहे हो। कोई भी रास्ता ना दिख रहा हो तो भी थोड़ा सा इंतजार कर लेने में कोई हर्ज नहीं है क्योंकि समय कभी एक सा नहीं रहता है। स्थितियां बदलती है। तो हो सकता है आगे का जीवन बहुत अच्छा हो। खुदकुशी कर के तो जीवन की सभी संभावनाओं को खत्म कर देना ही है।

इसमें बदलती जीवन शैली और समाज की भी बहुत बड़ी भूमिका है। आज सब रिजर्व रहना पसंद करते हैं सबको प्राइवेसी चाहिए। किसी को भी किसी भी दखल अंदाजी पसंद नहीं।

क्या आज हम सभी को नहीं सोचना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं आखिर क्यों बढ़ रही हैं ? किशोर हो या प्रौढ़ सभी को जिंदगी से ज्यादा मौत आसान लगने लगी है!!

डिप्रेशन के लक्षण(symptoms of depression):

डिप्रेशन के बहुत से लक्षण है अगर आपके परिवार के किसी भी सदस्य में या आपमें खुद में, ये प्रकट होते हैं तो सावधान हो जाइए !!

1. ज्यादातर समय सोते रहना।
2. किसी ना किसी बात को लेकर जल्दी ही रोते रहना या रोना आ जाना।
3. किसी से मिलने जुलने की इच्छा ना करना। अगर कोई मिलने भी आए तो बहाने बनाकर उससे न मिलना।
4. अकेले में उदास होकर, अपने ही ख्यालों में खोए बैठे रहना।

Depression

पुरुषों में निराशा के लक्षण (depression in men):

पुरुष अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में थोड़ा कमजोर माने जाते हैं। वे अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं करते हैं।इसलिए जब भी अंदर से निराशा या उदासी होगी , वे ज्यादातर ऐसी बातें निकालकर लाएंगे, जिसमें भी वे अपनी उदासी व्यक्त कर सकें। यह पिछले अतीत की कोई घटना भी हो सकती है। अगर वे बार-बार ऐसा करते हैं तो इसका मतलब है कि वे अपना डिप्रेशन या निराशा को व्यक्त करने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।

महिलाओं में निराशा के लक्षण (depression in women):

महिलाएं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि अपनी भावनाएं आसानी से व्यक्त कर पाती हैं। जब भी वे अंदर से निराश होंगी तो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ पहले से या सामान्य से और भी ज्यादा अधिक सोशल होने की कोशिश करेंगी। इस तरह वह अपने निराशा को छुपाने का रास्ता ढूंढती है।

इस तरह के लक्षण अगर आपको, किसी अपने में, दिखते हैं तो अपने साथी, मित्र या प्रिय को भरपूर प्रेम और अपनापन दीजिए। जिससे कि वे अपने मन की बात आपसे कह सके और हल्का हो सके। उस पर किसी प्रकार का दबाव मत डालिए और अपनेपन का एहसास कराइए।

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